शिव कथा में, ज्ञान और भक्ति में डूबे श्रद्धालु*
ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, तानसेन नगर द्वारा सहयोग गार्डन, रमटापुरा में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा में श्रद्धालुओं ने उत्साह एवं भक्तिभाव के साथ शिव विवाह का आनंद लिया। पूरा कथा परिसर आध्यात्मिक वातावरण एवं शिवमय भावनाओं से सराबोर रहा।
कथावाचिका राजयोगिनी तपस्विनी ब्रह्माकुमारी नीलम दीदी ने शिव विवाह के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिव विवाह धार्मिक प्रसंग के साथ साथ, यह आत्मा और परमात्मा के मिलन का सुंदर आध्यात्मिक प्रतीक भी है। उन्होंने बताया कि भगवान शिव को कल्याणकारी स्वरूप माना गया है। शिव का स्मरण मनुष्य के जीवन में पवित्रता, शांति, प्रेम और सकारात्मकता का संचार करता है। उन्होंने कहा कि सच्चे अर्थों में शिव विवाह का संदेश अपने जीवन में श्रेष्ठ संस्कारों, पवित्र विचारों और दिव्य गुणों को धारण करना है।
ब्रह्माकुमारी नीलम दीदी ने शिव-पार्वती विवाह प्रसंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को जीवन में संयम, त्याग, समर्पण, धैर्य और पवित्रता के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य अपने मन को विकारों से मुक्त कर परमात्मा की स्मृति में जीवन व्यतीत करता है, तब उसके जीवन में सुख-शांति और सच्चे आनंद का अनुभव होने लगता है।
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों से गणमान्य अतिथियों ने उपस्थित होकर कथा का श्रवण किया। इनमें स्थानीय पार्षद दिनेश सिकरवार, पार्षद मानसिंह राजपूत, श्याम शर्मा (श्री राम सेवक संगठन), सर्वेश तिवारी, कुंदन खजूरिया जी (भारतीय महामानव सर्व समाज संगठन), उमेश तिवारी (सहयोग सेवा संगठन), तलवार वाले हनुमान जी के महंत लखन सिंह, सूर्यमुखी हनुमार मंदिर से पंडित ओम प्रकाश प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सभी अतिथियों ने कथावाचिका राजयोगिनी तपस्विनी ब्रह्माकुमारी नीलम दीदी का सम्मान किया तथा उनके द्वारा दिए जा रहे आध्यात्मिक ज्ञान एवं समाज में सकारात्मक चेतना जागृत करने के प्रयासों की सराहना की। अतिथियों ने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में संस्कार, सद्भाव, शांति एवं सकारात्मक विचारों को बढ़ावा मिलता है।
शिव विवाह के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति एवं उल्लास के साथ धार्मिक आयोजन में सहभागिता की। कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने शिव विवाह प्रसंग से जुड़े आध्यात्मिक संदेशों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का वातावरण पूरे समय भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा।
यह कथा 5 अक्टूबर 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक सहयोग गार्डन, रमटापुरा, तानसेन नगर, ग्वालियर में चलेगी।
