भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन बोले- ब्रह्माकुमारीज़ कर रही है समाज को संजीवनी देने का कार्य

आबूरोड में जल्द ही बनेगी एयर स्ट्रिप: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

वैश्विक शिखर सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने आबूरोड-आबूराज के लिए की बड़ी घोषणाब्रह्माकुमारीज़ की ओर से लंबे समय से मानपुर हवाई पट्‌टी के विस्तार के लिए की जा रही थी मांग

ब्रह्माकुमारीज़ की ओर से लंबे समय से मानपुर हवाई पट्‌टी के विस्तार के लिए की जा रही थी मांग

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ भी रहे मौजूद

चार दिवसीय वैश्विक शिखर सम्मेलन का समापन

आबूरोड। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन में चल रहे वैश्विक शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में सोमवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, संस्थान की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी मोहिनी दीदी, अतिरिक्त महासचिव राजयोगी डॉ. मृत्युंजय भाई ने भाग लिया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने आबूरोड और आबूराज को लेकर बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि आबूराज क्षेत्र के विकास के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। ब्रह्माकुमारीज़ की ओर से आबूरोड में एयर स्ट्रिप के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे और मांग की जा रही है। यहां एयर स्ट्रिप बनाने के लिए हमने भारत सरकार से आग्रह किया है। साथ ही जो पैसा भरना था वह भी भर दिया है। आने वाले समय में जल्द ही आबूरोड में एयर स्ट्रिप का काम होगा। इस दौरान भाजपा अध्यक्ष नबीन और सीएम शर्मा ने कुछ देर तक मेडिटेशन रुम में ध्यान भी लगाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान साधना, सेवा और विश्व कल्याण की भावना का केंद्र है। संस्थान सनातन और भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए पूरी दुनिया में काम कर रहा है। ब्रह्माकुमारीज़ की 90 वर्ष की आध्यात्मिक यात्रा अनेक लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, अनुशासन और प्रेरणा लेकर आई है। भारत हजारों वर्ष से वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना को लेकर चल रहा है। हम सदियों से वनस्पति से लेकर वायुमंडल की कल्याण की भावना, सर्वे भवंतु सुखिन: की भावना को लेकर आए हैं। हम जीव में भी शिव के दर्शन करते हैं। नर में नारायण को देखने वाली हमारी संस्कृति प्रकृति को भी उसी रूप में देखती है। हमारी यही सोच आज दुनिया के कल्याण के लिए बहुत जरूरी है।

योग देता है आत्म सुधार की प्रेरणा-
सीएम शर्मा ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान राजयोग के माध्यम से व्यक्ति के मन में शांति, शक्ति और ऊर्जा का संचार कर विश्व कल्याण के लिए काम कर रहा है। योग और आध्यात्मिकता हमें अपने भीतर देखने और आत्म सुधार की प्रेरणा देते हैं। संस्थान भारत के विचारों को दुनिया तक पहुंचाने में इसी प्रकार कार्य कर रहा है। साथ ही आत्म चिंतन, राजयोग के साथ विभिन्न सामाजिक अभियानों में भी भागीदारी करता रहा है। ऐसी पहल दिखाती है कि आध्यात्मिक पहल जीवन के प्रश्नों का समाधान कर सकती है। राम मंदिर, महाकाल मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर में किए गए कार्यों से हमारी विरासत और संस्कृति को नई आध्यात्मिक गरिमा के साथ प्रस्तुत करने का मौका मिला है। एक तरफ हम तीर्थ स्थलों के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं तो दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण के लिए कदम भी उठा रहे हैं।

ब्रह्माकुमारीज़ की 90 वर्ष की यात्रा पर बोले राष्ट्रीय अध्यक्ष नबीन-
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान की 90 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर दृष्टि डालें तो वर्ष 1936 में प्रारंभ हुई यह यात्रा अनेक चुनौतियों के बावजूद निरंतर आगे बढ़ती रही है। ब्रह्माकुमारीज़ के संस्थापक पिताश्री ब्रह्मा बाबा ने एक महान आध्यात्मिक दृष्टि के साथ इस अभियान की नींव रखी। प्रारंभ में आठ युवा बहनों के समर्पण से शुरू हुई यह यात्रा आज विशाल स्वरूप लेकर विश्वभर में मानव कल्याण और आध्यात्मिक जागृति और समाज को संजीवनी देने का कार्य कर रही है। यह यात्रा संकल्प, त्याग, निष्ठा और सेवा की शक्ति का प्रेरणादायी उदाहरण है। वर्ष 1950 से संस्थान ने इस पवित्र भूमि पर अपनी आध्यात्मिक गतिविधियों को विस्तार दिया। माउंट आबू की इस पवित्र नगरी को ब्रह्माकुमारीज़ ने योग और साधना की भूमि के रूप में नई पहचान दी है। महर्षियों और ऋषियों की तपोभूमि को आध्यात्मिक साधना का प्रमुख केंद्र बनाने में ब्रह्माकुमारी परिवार का योगदान सराहनीय है। आज संस्थान 140 से अधिक देशों में कार्य कर रहा है और विश्वभर में इसके पांच हजार से अधिक सेवाकेंद्र लोगों तक आध्यात्मिकता, भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों का संदेश पहुंचा रहे हैं। आपके विचारों और प्रयासों के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत को विश्व स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

अच्छे विचार तभी साकार होते हैं, जब वे हमारे संस्कार बन जाते हैं-
भाजपा अध्यक्ष नबीन ने कहा कि आध्यात्मिक जागृति, सकारात्मक चिंतन, सेवा और समर्पण की भावना इस राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। 90 वर्षों की यात्रा भी इसी बात की प्रेरणा देती है कि जब विचारों के साथ कर्म जुड़ता है, तो परिवर्तन की नई राहें खुलती हैं। ब्रह्माकुमारी संस्थान का पूरा मिशन सेवा को लेकर कार्य कर रहा है। सेवा केवल कोई गतिविधि नहीं, बल्कि एक ऐसा संकल्प है, जो व्यक्ति को अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर दूसरों के कल्याण के लिए कार्य करने की प्रेरणा देता है। अच्छे विचार तभी साकार होते हैं, जब वे हमारे संस्कार बन जाते हैं। ब्रह्माकुमारी संस्थान की संस्कृति में भारतीय संस्कारों की जीवंत झलक दिखाई देती है। ये संस्कार तब और अधिक सशक्त होते हैं, जब वे सेवा की भावना से जुड़कर समाज के कल्याण में योगदान देते हैं। संस्कार और सेवा का यही समन्वय भारतीय संस्कृति की वास्तविक पहचान है। ब्रह्माकुमारी संस्थान निरंतर समाज की कमियों को दूर करने, अच्छी परंपराओं को प्रोत्साहित करने और मानवीय मूल्यों को नई ऊर्जा देने का प्रयास कर रहा है। आपके ये प्रयास समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। हमें केवल महिला विकास की नहीं, बल्कि महिला नेतृत्व वाले विकास की बात करनी चाहिए। भारत की नारी शक्ति ही देश और विश्व को कल्याण की दिशा में आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

नशामुक्ति अभियान को सराहा-
भाजपा अध्यक्ष नबीन ने कहा कि नशामुक्ति अभियान भी सेवा भावना का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। देश में नशे की समस्या से निपटने के लिए सरकार और सामाजिक संस्थाओं की ओर से विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। इस दिशा में युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। यदि भारत की युवा शक्ति को प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ाना है, तो उसे नशे से दूर रखना और स्वस्थ, जागरूक तथा जिम्मेदार जीवनशैली के लिए प्रेरित करना आवश्यक है। ब्रह्माकुमारी संस्थान जैसे संगठनों के आध्यात्मिक प्रयास, जनजागरूकता और सामुदायिक सहभागिता इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। आइए, हम सब मिलकर नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लें और सेवा, सहयोग, समर्पण तथा आत्मिक शक्ति के माध्यम से इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने में अपना योगदान दें। नई पीढ़ी को नशे की बुराई से बचाने और उसे एक नई दिशा देने का जो संकल्प आपने लिया है, मुझे पूरा विश्वास है कि आपके आशीर्वाद, मार्गदर्शन और सहयोग से हम इस अभियान को पूरी प्रतिबद्धता के साथ सफल बनाएंगे।

सेवाकेंद्र से जुड़े लोगों की सादगी, सरलता और समर्पण ने प्रेरित किया-
नबीन ने कहा कि मुझे याद है कि छोटे-छोटे सेवा केंद्रों में भी जब लोग शांति मंत्र और ध्यान के माध्यम से स्वयं को शांत करने के लिए बैठते हैं, तो वहां से बाहर निकलते समय वे एक नई शक्ति और ऊर्जा का अनुभव करते हैं। यह ऊर्जा न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन को बेहतर बनाने में सहायक होती है, बल्कि उन्हें समाज के कल्याण के लिए भी प्रेरित करती है। मैं आज इन केंद्रों का उल्लेख इसलिए कर रहा हूं, क्योंकि यहां आकर मुझे स्वयं भी एक मिनट की शांति के महत्व और उससे मिलने वाली आंतरिक ऊर्जा का अनुभव करने का अवसर मिला। कभी-कभी कुछ क्षणों का मौन भी हमारे मन को नई दिशा और नई शक्ति प्रदान कर सकता है। हर सेवा केंद्र से जुड़े लोगों की सादगी, सरलता और समर्पण का भाव मेरे लिए प्रेरणा का प्रारंभिक स्रोत रहा है। इन अनुभवों ने मुझे आध्यात्मिकता और समाजसेवा के क्षेत्र में संस्थान के योगदान को समझने का अवसर दिया।

नबीन ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान में लंबे समय से मातृशक्ति का नेतृत्व भी विशेष प्रेरणा का स्रोत रहा है। भारतीय परंपरा में महिलाओं ने ज्ञान, साधना और नेतृत्व के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऋग्वेद की ऋषिकाओं से लेकर गार्गी और मैत्रेयी जैसी विदुषियों तक, भारतीय इतिहास में महिलाओं की बौद्धिक और आध्यात्मिक भूमिका के अनेक उदाहरण मिलते हैं। आज राजयोगिनी दीदियों के नेतृत्व में ब्रह्माकुमारी संस्थान भी आध्यात्मिकता और मानवीय मूल्यों के माध्यम से समाज को दिशा देने का कार्य कर रहा है। राजस्थान की धरती पर मीराबाई ने अपनी भक्ति से पूरे समाज को प्रेरित किया। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने मंदिरों के पुनर्निर्माण, धार्मिक स्थलों के संरक्षण और जनकल्याण के कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस केवल भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को ही नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक शक्ति को भी पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना है। योग और साधना के माध्यम से भारत ने विश्व को शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन का संदेश दिया है। आज योग वैश्विक स्तर पर लोगों को जोड़ने और जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राजयोग और आध्यात्मिक चिंतन हमें स्वयं को समझने तथा जीवन में संतुलन स्थापित करने की प्रेरणा देते हैं।

सेवा हमारे लिए केवल किसी कार्यक्रम का हिस्सा न रहे-
भाजपा अध्यक्ष नबीन ने कहा कि हाल ही में जिस प्रकार कैप्टन स्मित मच्छार ने संकट के समय सेवा, साहस और समर्पण का परिचय दिया, वह भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं में निहित मानवीय मूल्यों की शक्ति को दर्शाता है। उन्होंने अपनी ऊर्जा और सामर्थ्य को दूसरों की रक्षा के लिए समर्पित किया और अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों को बचाने का प्रयास किया। उनका यह उदाहरण हमें संदेश देता है कि सेवा ही परम धर्म है। हनुमान चालीसा के माध्यम से मिलने वाली आध्यात्मिक प्रेरणा और शक्ति का उल्लेख भी इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण है। भारतीय सनातन परंपरा और संस्कृति में आस्था केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है, बल्कि वह साहस, आत्मविश्वास, कर्तव्यनिष्ठा और संकट के समय दूसरों की सहायता करने की प्रेरणा भी देती है। आज हम यह संकल्प लें कि सेवा हमारे लिए केवल किसी कार्यक्रम का हिस्सा न रहे, बल्कि हमारा स्वभाव बने। दूसरों के सहयोग और कल्याण का भाव हमारी आत्मिक शक्ति बने। जब हम इस भावना को अपने जीवन में उतारते हैं, तभी हमारा संकल्प सिद्धि तक पहुंचता है। यदि देश को आगे बढ़ाना है, तो 140 करोड़ देशवासियों को एकजुट होकर, एक भावना और एक संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा।

नबीन ने लोगों से तीन संकल्पों को जीवन में उतारने का किया आहृान-

  • पहला संकल्प है कि शिक्षा का प्रकाश समाज के प्रत्येक व्यक्ति और हर युवा तक पहुंचे।
  • दूसरा संकल्प है कि हम सेवा की भावना से समाज और लोगों के बीच कार्य करें तथा उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करें।
  • तीसरा संकल्प है कि प्रकृति के साथ हमारा व्यवहार श्रेष्ठ और संतुलित हो, ताकि प्रकृति हमें आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करती रहे और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रहे।

इन्होंने भी रखे विचार-

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि हम लोग ब्रह्माकुमारीज़ के कार्यक्रम में आते रहते हैं। ब्रह्माकुमारीज़ ने भारत के योग को विश्व में प्रसिद्ध करने में भूमिका निभाई। पीएम मोदी ने भी योग को विश्व में प्रसिद्ध किया है। संस्था की भी विकसित भारत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हमें इस संस्थान का बड़ा योगदान मिलता है।

ब्रह्माकुमारीज़ मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी मोहिनी दीदी ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि 90 वर्ष पहले परमपिता परमात्मा शिव बाबा ने ब्रह्मा बाबा को दिव्य दृष्टि दी, उनको जो ज्ञान और आदेश मिला। उसको लेते हुए 90 वर्ष की यात्रा चली। मुझे भी सेवा करते हुए 70 वर्ष हो गए हैं। शिव बाबा ने विश्व परिवर्तन का लक्ष्य दिया। दिव्य गुणों की धारणा से जीवन दिव्य बनता है, सुख शांति की प्राप्ति होती है। पुनः भारतवर्ष में सबमें दिव्यता हो, सब पूज्य बनें, सबमें देवी गुण की धारणा हो। दो शब्द हमें याद रखने हैं- पवित्र जीवन, योगी जीवन।

अतिरिक्त महासचिव राजयोगी डॉ. मृत्युंजय भाई ने कहा कि नितिन नबीन जी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के बहुत छोटी उम्र में अध्यक्ष बनें। इनकी सोच महान हैं, इनके साथ स्वयं परमात्मा शिव बाबा और ब्रह्मा बाबा हैं। इनके पास मूल्यों के भंडार हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा परमात्मा की शक्ति के साथ कार्य कर रहे हैं। भारत विश्व गुरु बनेगा, सारी दुनिया को इधर आना है। बाबा ने कहा है कि माउंट आबू सबसे बड़ा तीर्थ बनेगा।

इस दौरान दिल्ली हरिनगर की सबजोन निदेशिका बीके शुक्ला दीदी भी मौजूद रहीं। संचालन बीके नेहा बहन ने किया। मधुरवाणी ग्रुप ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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