रक्तदान करने से मिलती है आंतरिक खुशी – आशीष प्रताप सिंह राठौड़
एक यूनिट रक्त से तीन से चार मरीजों को मिल सकता है लाभ – डॉ. राकेश बघेल
दूसरों के काम आना ही जीवन की सच्ची कमाई – पीतांबर लोकवानी
रक्तदान से बढ़कर मानव सेवा का कोई दूसरा कार्य नहीं – अनिल साँखला
23 एवं 24 अगस्त को भी प्रातः 9:30 से शाम 4 बजे तक जारी रहेगा रक्तदान अभियान
ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की भगिनी संस्था राजयोग एज्युकेशन एण्ड रिसर्च फाउंडेशन के समाज सेवा प्रभाग द्वारा जे.ए. हॉस्पिटल ब्लड सेंटर के सहयोग से माधौगंज स्थित प्रभु उपहार भवन में विश्व बंधुत्व रक्तदान महाअभियान के अंतर्गत स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर प्रातः 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित हुआ। अभियान के अंतर्गत आगामी 23 एवं 24 अगस्त को भी इसी स्थान पर प्रातः 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा।
शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रतिष्ठित व्यवसायी पीतांबर लोकवानी, जिला योजना समिति सदस्य(म. प्र. शासन) आशीष प्रताप सिंह राठौड़, स्थानीय पार्षद अनिल साँखला, जे.ए. हॉस्पिटल ब्लड सेंटर के मेडिकल ऑफिसर डॉ. राकेश बघेल, ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी तथा वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षक बीके प्रहलाद भाई उपस्थित रहे।
दादी प्रकाशमणि जी की पुण्य स्मृति में देशभर में चल रहा रक्तदान अभियान – बीके आदर्श दीदी
ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी ने विश्व बंधुत्व रक्तदान महाअभियान की जानकारी देते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका परम श्रद्धेय दादी प्रकाशमणि जी के पुण्य स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में पूरे देश में 21 से 25 अगस्त तक यह महाअभियान चलाया जा रहा है। इसी के अंतर्गत माधौगंज स्थित प्रभु उपहार भवन में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि 23 एवं 24 अगस्त को भी प्रातः 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक शिविर जारी रहेगा और अधिक से अधिक लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया।
एक यूनिट रक्त से तीन से चार मरीजों को मिल सकता है लाभ – डॉ. राकेश बघेल
जे.ए. हॉस्पिटल ब्लड सेंटर के मेडिकल ऑफिसर डॉ. राकेश बघेल ने रक्तदाताओं को रक्तदान के महत्व एवं इससे जुड़े स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं की जानकारी दी तथा रक्तदान को लेकर प्रचलित भ्रांतियों को दूर किया। उन्होंने बताया कि सामान्यतः 18 से 65 वर्ष की आयु के ऐसे महिला या पुरुष, जिनका वजन 45 किलोग्राम से अधिक तथा हीमोग्लोबिन 12.5 ग्राम/डी. एल. से अधिक हो, चिकित्सकीय मानकों के अनुसार रक्तदान कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि पुरुष वर्ष में चार बार तथा प्रत्येक तीन माह के अंतराल पर और महिलाएं वर्ष में तीन बार तथा प्रत्येक चार माह के अंतराल पर रक्तदान कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि रक्त की एक यूनिट को PRBC, FFP, PRP और Cryoprecipitate जैसे विभिन्न अवयवों में विभाजित किया जा सकता है, जिससे एक यूनिट रक्त से तीन से चार मरीजों को लाभ पहुंचाया जा सकता है।
दूसरों के काम आना ही जीवन की सच्ची कमाई – पीतांबर लोकवानी
प्रतिष्ठित व्यवसायी पीतांबर लोकवानी ने कहा कि जब वे ब्रह्माकुमारीज संस्थान में आते हैं तो मन को शांति और सुकून मिलता है। उन्होंने कहा कि हम पैसे कमाने के लिए रोज मेहनत करते हैं, लेकिन इस भागदौड़ में कई बार जीवन के वास्तविक उद्देश्य को भूल जाते हैं। पैसा जीवन के लिए जरूरी है, लेकिन वास्तविक खुशी उस कार्य में है, जिससे मन को संतुष्टि मिले, परिवार में प्रेम बना रहे और हम दूसरों के काम आ सकें।
उन्होंने कहा कि जीवन में वही कार्य करना चाहिए, जो हमें भीतर से खुशी और शांति प्रदान करे। यही जीवन की सच्ची कमाई है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज संस्थान द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर को मानव सेवा का पुनीत कार्य बताते हुए इसकी सराहना की।
रक्तदान से मिलती है आंतरिक खुशी – आशीष प्रताप सिंह राठौड़
जिला योजना समिति सदस्य आशीष प्रताप सिंह राठौड़ ने कहा कि रक्तदान करने से आंतरिक खुशी मिलती है। हमें जीवन में ऐसे अच्छे कार्य करने चाहिए, जिनसे हमें महसूस हो कि हमने समाज के लिए कुछ योगदान दिया है। उन्होंने सुझाव दिया कि ग्वालियर के दूर-दराज के गांवों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि वहां रहने वाले लोगों तक सकारात्मक विचार और अच्छी सीख पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्थान में ज्ञान और जीवन जीने की सकारात्मक सीख दी जाती है। यदि हम इन शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाएं तो हमारा जीवन अधिक शांतिपूर्ण, सुखी और बेहतर बन सकता है। यही सच्ची सेवा और समाज के प्रति हमारा योगदान है।
रक्तदान इंसानियत की सबसे खूबसूरत मिसाल – अनिल साँखला
स्थानीय पार्षद अनिल साँखला ने कहा कि उन्होंने स्वयं भी कई बार रक्तदान किया है। उनका मानना है कि रक्तदान से बढ़कर मानव सेवा का कोई दूसरा कार्य नहीं हो सकता। हमारा थोड़ा-सा रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाने में मदद कर सकता है। इससे बड़ी खुशी और संतुष्टि की बात और क्या हो सकती है कि हमारे द्वारा किया गया रक्तदान किसी परिवार की खुशियां वापस ला सकता है।
उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल एक नेक कार्य ही नहीं, बल्कि इंसानियत की सबसे खूबसूरत मिसाल है। हमें समय-समय पर आगे आकर रक्तदान करना चाहिए और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षक बीके प्रहलाद भाई ने किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक स्वैच्छिक रक्तदान किया। इस अवसर पर आकाश,कार्तिक, सचिन, हर्षित, पंकज, विकास, बैभव, विजेंद्र,पवन, सुरभि, रोशनी, कंचन सहित अनेकानेक लोग उपस्थित थे।
नोट: आगामी 23 एवं 24 अगस्त 2026 को भी प्रभु उपहार भवन, माधौगंज में प्रातः 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा।

