जनभागीदारी और आध्यात्मिक जागरूकता से ही बनेगा नशामुक्त भारत – मंत्री श्री कुशवाह

नशामुक्त समाज के निर्माण में ब्रह्माकुमारीज़ की भूमिका सराहनीय – डिप्टी नारकोटिक्स कमिश्नर

ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान का ग्वालियर में शुभारंभ

ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के मेडिकल विंग द्वारा देशव्यापी 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान का शुभारंभ गुरुवार को ग्वालियर के माधौगंज स्थित प्रभु उपहार भवन में किया गया। यह अभियान 6 अगस्त से 20 अगस्त तक पूरे देश में संचालित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य जन-जन को नशामुक्ति का संकल्प दिलाकर स्वस्थ, जागरूक एवं विकसित भारत के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।
ब्रह्माकुमारीज संस्थान, भारत सरकार के सामाजिक न्याय विभाग और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के साथ अनुबंध के तहत विगत तीन वर्षों से नशा मुक्त भारत अभियान चल रहा है। उसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए यह 15 दिवसीय पखवाड़ा चलाया जा रहा है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री नारायण सिंह कुशवाह, मंत्री, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, मध्यप्रदेश शासन थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री ब्रजेन्द्र चौधरी, डिप्टी नारकोटिक्स कमिश्नर, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स ने की। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में स्थानीय पार्षद श्री अनिल साँखाला, भाजपा मंडल अध्यक्ष श्री अमर कुटे, ब्रह्माकुमारीज केन्द्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी,
कार्यक्रम संयोजक एवं राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद उपस्थित थे।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान के पोस्टर का अनावरण कर किया गया।
प्रारंभ में बीके प्रहलाद ने अभियान की रूपरेखा एवं उद्देश्य बताते हुए कहा कि संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका परम श्रद्धेय दादी प्रकाशमणि जी की पुण्य स्मृति में यह राष्ट्रव्यापी अभियान 6 से 20 अगस्त तक आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य जनजागरण के माध्यम से समाज को नशामुक्त बनाना तथा प्रत्येक नागरिक को इस सामाजिक परिवर्तन का सहभागी बनाना है।

अपने संबोधन में श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान द्वारा स्वयंसेवकों एवं समाज के सहयोग से चलाया जा रहा 10 करोड़ नशामुक्ति संकल्प महाअभियान देश में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी बाधा बनता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह नशामुक्त भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।
उन्होंने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ और अमूल्य है। इसे नशे जैसी बुराइयों में नष्ट करने के बजाय समाज और राष्ट्र के हित में लगाना चाहिए। किसी भी बड़े परिवर्तन की शुरुआत सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प से होती है। जब व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिकता, श्रेष्ठ विचार और ईश्वरीय मार्गदर्शन का समावेश होता है, तब वह स्वयं व्यसनों से मुक्त होकर दूसरों के लिए प्रेरणा बनता है।
श्री कुशवाह ने कहा कि 10 करोड़ लोगों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाने का लक्ष्य केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का महायज्ञ है। उन्होंने विशेष रूप से ब्रह्माकुमारीज़ की बहनों एवं मातृशक्ति की सराहना करते हुए कहा कि यदि महिलाएँ जागरूकता का संकल्प लें, तो वे परिवार और समाज से नशे की बुराई को जड़ से समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि यदि हम अपने प्रयासों से एक भी व्यक्ति को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने में सफल होते हैं, तो इससे बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं हो सकता। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ब्रह्माकुमारीज़ का यह अभियान जन-जन तक पहुँचकर समाज में नैतिक मूल्यों, आत्मसंयम और आध्यात्मिक चेतना का विकास करेगा तथा स्वस्थ, सशक्त, नशामुक्त और विकसित भारत के निर्माण में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी नारकोटिक्स कमिश्नर श्री ब्रजेन्द्र चौधरी ने कहा कि नशामुक्ति अभियान में समाज की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान द्वारा नशामुक्ति के क्षेत्र में किए जा रहे जनजागरण एवं जन-शिक्षा के प्रयासों की सराहना करते हुए संस्थान का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की समस्या आज केवल किसी एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि सम्पूर्ण विश्व के सामने एक गंभीर चुनौती है। इसका प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार, शिक्षा, अर्थव्यवस्था और सामाजिक मूल्यों पर भी पड़ता है। इसलिए इसे केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक चुनौती के रूप में देखने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि केवल कानूनों और कठोर प्रतिबंधों से इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। यदि नशे की आपूर्ति को रोकना है, तो उसकी मांग को भी कम करना होगा। समाज में जब नशे की मांग घटेगी, तभी इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
श्री चौधरी ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ जैसी सामाजिक एवं आध्यात्मिक संस्थाएँ लोगों में नैतिक मूल्यों, आत्मसंयम, सकारात्मक सोच और श्रेष्ठ संस्कारों का विकास कर नशे के प्रति आकर्षण को स्वाभाविक रूप से कम करती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आध्यात्मिक चेतना और संस्कारों के माध्यम से ही स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त समाज का निर्माण संभव है।

कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद श्री अनिल साँखाला एवं श्री अमर कुटे ने सभी के सामूहिक प्रयासों से भारत को नशामुक्त बनाने की बात कही और सामाजिक क्षेत्र में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना करते हुए संस्थान को साधुवाद दिया।

कार्यक्रम के अंत में ब्रह्माकुमारीज़ केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि वास्तविक नशामुक्ति का आधार आत्मजागृति और ईश्वर से जुड़ाव है। उन्होंने सभी को राजयोग ध्यान का अभ्यास कराया तथा स्वयं नशामुक्त रहने और समाज को नशामुक्त बनाने की सामूहिक शपथ दिलाई।

इस अवसर पर असिस्टेंट कमिशनर नारकोटिक्स श्री एस के वर्मा, पूर्व वरिष्ठ लेखा परीक्षा अधिकारी श्री एम.एस. यादव एवं सामाजिक सुरक्षा अधिकारी सुश्री पूर्वी अग्रवाल, हिमांशु सहित अनेकानेक अधिकारी, गणमान्य नागरिक और सैकड़ों की संख्या मे संस्था से जुड़े श्रद्धालु उपस्थित थे।

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