ब्रह्माकुमारीज के 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान के पोस्टर का विमोचन
राजयोग मेडिटेशन आंतरिक शांति, स्थिरता और शक्ति प्रदान करता – आदर्श दीदी
ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा माधौगंज स्थित प्रभु उपहार भवन में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाभियान के पोस्टर का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) के प्रशासकश्री महेन्द्र सिंह यादव, ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी, विशिष्ट अतिथि बीजेपी, पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश महामंत्री जंडेल सिंह, महाराणा प्रताप मण्डल अध्यक्ष आशु श्रीवास, जनपद सदस्य हीरालाल राठौर सहित ब्रह्माकुमारीज से मोटिवेशनल स्पीकर राजयोगी बीके प्रहलाद भाई उपस्थित थे।
कार्यक्रम के शुभारंभ में बीके प्रहलाद भाई ने जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणी जी के पुण्यस्मृति दिवस के उपलक्ष्य में 6 से 20 अगस्त तक एक देश व्यापी पखवाड़े के तहत 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महा अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि ब्रह्माकुमारीज संस्थान भारत सरकार के सामाजिक न्याय विभाग के साथ विगत तीन वर्षों से तथा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के सहयोग से विगत 2 वर्षों से नशा मुक्त भारत अभियान संचालित कर रहा है। इसी क्रम में देशभर में ब्रह्माकुमारीज के हजारों सेवा केंद्र द्वारा विद्यालयों, महाविद्यालयों, शासकीय, अशासकीय संस्थाओं तथा सामाजिक संगठनों के सहयोग से इस जन जागरण अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करेंगे। उन्होंने कहा कि यह विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक सशक्त पहल है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री महेंद्र सिंह यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्थान द्वारा यह बहुत ही श्रेष्ठ और सराहनीय कार्य किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि यह परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति में बाधक एक गंभीर सामाजिक चुनौती है। नशे की लत व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक और आर्थिक स्थिति को कमजोर कर देती है तथा परिवार की सुख-शांति और समाज को भी प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि भारत के युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और यदि वे नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा को शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में लगाएँ। उन्होंने सभी भाई बहनों, विशेषकर युवाओं से इस नशामुक्ति जनआंदोलन में सक्रिय सहभागिता निभाने और अपने आसपास के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार जीवन में समस्याओं और बुराइयों से दूर रहने में बहुत मदद करता है। क्योंकि जीवन की आधी समस्याएं तो संयुक्त परिवार में घर के दादी दादी ही समाधान कर देते है लेकिन आज एकल परिवार है, इसलिए आवश्यकता है संगठित होकर रहें। व्यक्ति के संस्कारों का सही पता उसके पड़ोसियों से लगता है। इसलिए अच्छे संस्कार धारण करें और एक दूसरे के साथ मिलकर चलें।
केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी ने कहा कि संस्थान के द्वारा लगातार जन जागरुक्ता के कार्यक्रम किए जाते है। जिसमें नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, जल सरंक्षण, स्वच्छता जैसे विषय शामिल है। उन्होंने कहा कि आज के समय में नशा एक व्यापक समस्या है। हम आने वाली पीढ़ी को इससे बचाएं यह हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है। और जो इसकी गिरिफ़्त में आ गए है उनको भी छोड़ने के लिए प्रेरित करें। नशे से मुक्ति संकल्प के साथ साथ आत्मिक जागृति और आत्मबल के विकास से संभव है। जब व्यक्ति स्वयं को आत्मा समझकर परमात्मा की याद में रहता है, तब उसके भीतर सकारात्मकता, आत्मविश्वास, आत्मनियंत्रण और बुराइयों पर विजय प्राप्त करने की शक्ति विकसित होती है। उन्होंने कहा कि राजयोग मेडिटेशन व्यक्ति को आंतरिक शांति, मानसिक स्थिरता और आत्मिक शक्ति प्रदान करता है। जिससे व्यक्ति हर प्रकार की बुरी आदतों से सदा दूर रह सकता है। दीदी ने कहा कि नशे के विरुद्ध जनजागरूकता आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस अवसर पर जंडेल सिंह, और आशु श्रीवास ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि द्वारा 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान के पोस्टर का विमोचन किया गया।


