कार्य और जीवन में संतुलन से मिलेगी श्रेष्ठ उपलब्धि: रॉय

  • साइंटिस्ट, इंजीनियरिंग और आर्किटेक्ट विंग द्वारा चार दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू
  • देशभर से पहुंचे पांच हजार लोग

आबूरोड। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के मुख्यालय शांतिवन के डायमंड हाल में साइंटिस्ट, इंजीनियरिंग और आर्किटेक्ट विंग द्वारा चार दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इसमें देशभर से पांच हजार से अधिक वैज्ञानिक, इंजीनियर, आर्किटेक्ट और निर्माण से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी भाग ले रहे हैं।


कार्य और जीवन में श्रेष्ठ संतुलन से श्रेष्ठ उपलब्धि विषय पर आयोजित सम्मेलन के स्वागत सत्र में दुर्गापुर स्टील प्लांट के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर निलोपत रॉय ने कहा कि हम कितना भी ज्ञान सुन लें लेकिन जब तक जीवन में धारण नहीं करेंगे तो बदलाव नहीं आएगा। मन में शांति नहीं आएगी। ज्ञान का मतलब है कि जीवन में शांति, आनंद है। हमारे चेतना ऐसी हो कि मुझे पीसफुल रहना है। पहले मुझे बहुत गुस्सा आता था लेकिन ब्रह्माकुमारीज़ में जुड़ने के बाद राजयोग के अभ्यास से मेरा मन शांत हो गया। गुस्सा दूर हो गया। जीवन में संतुलन बहुत आवश्यक है। कार्य और जीवन में संतुलन से ही श्रेष्ठ उपलब्धि मिलेगी।
कर्नाटक बेलगाव के वेगा ग्रुप के सहसंस्थापक सुभाष चांडक ने कहा कि जब पहली बार ब्रह्माकुमारीज़ के संपर्क में आए तो एक दिव्यता की अनुभूति हुई। राजयोग मेडिटेशन के बारे में जानकार बहुत खुशी हुई। यहां माउंट आबू आकर बहुत ही खुशी की अनुभूति हो रही है। जब तक हम अध्यात्म से नहीं जुड़ते हैं तब तक हम स्वयं को गहराई से नहीं जान सकते हैं। अतिरिक्त महासचिव राजयोगी बीके करुणा भाई ने कहा कि भारत विश्वगुरु तभी बनेगा जब हमारा जीवन आदर्श बनेगा। एक-एक व्यक्ति का जीवन गरिमामय और आदर्श बनेगा। साइंटिस्ट, इंजीनियरिंग और आर्किटेक्ट विंग के अध्यक्ष बीके मोहन सिंघल भाई ने कहा कि हम अपनी वर्क और प्रोफेशनल लाइफ व पर्सनल लाइफ में बैलेंस नहीं बना पाते हैं तो डिस्टर्बेंस होता है। जब तक हमारे जीवन में कार्य और जीवन में संतुलन नहीं होगा, हमारा जीवन सुख-शांतिमय नहीं बनेगा।

बैलेंस से मिलती है ब्लेसिंग-
विंग की उपाध्यक्ष भिलाई की बीके आशा दीदी ने कहा कि आप सभी यहां मेहमान बनकर नहीं घर के सदस्य बनकर आए हैं। जीवन में बिना बैलेंस के ब्लेसिंग नहीं हो सकती है। ब्लेसिंग के बिना हम उच्च शिखर पर नहीं पहुंच सकते हैं। एक है पुरुषार्थ, दूसरा है ब्लेसिंग। ब्लेसिंग मिलती है बैलेंस से। जीवन के हर क्षेत्र में संतुलन बहुत आवश्यक है। संतुलन ही हमें शिखर पर पहुंचाता है। नेपाल के एनएसईटी के अध्यक्ष प्रो. अमोदमनी दीक्षित ने कहा कि आज अध्यात्म समय की जरूरत है। सभी को अपने जीवन में इसका समावेश करना चाहिए। नई इन्वेंशन का आधार भी अध्यात्म ही है।

इन्होंने भी किया संबोधित-
चंडीगढ़ की बीके कविता दीदी ने कहा कि 1984 में मैं ब्रह्माकुमारीज़ के संपर्क में आई। जब पहली बार 1996 में माउंट आबू आई तो यहां के दिव्य और ऊर्जामय वातावरण से बहुत प्रभावित हुई। यहां मैंने सीखा कि आप पूरे विश्व का भला चाहते हैं तो शुरुआत पहले खुद से करना होगी। हैदराबाद की बीके अंजली दीदी ने विंग की इस वर्ष की थीम के बारे में बताया। भिलाई के एसएससी, एनएसपीसीएल के हैड बीके अरुण साहू ने एक्सपो के बारे में जानकारी दी। पानीपत की बीके ज्योति दीदी ने राजयोग मेडिटेशन से सभी को गहन शांति की अनुभूति कराई। कर्नाटका के नृत्यश्री नृत्यालय की बालिकाओं ने सुंदर नृत्य की प्रस्तुति दी। मधुरवाणी ग्रुप के कलाकारों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। संचालन छग मनेंद्रगढ़ की बीके माधुरी दीदी ने संचालन किया।

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