नैतिक मूल्य ही जीवन का आधार है – बीके प्रहलाद
ग्वालियर। मौनी बाबा आश्रम स्थित संचालित सेवार्थ पाठशाला द्वारा आज बच्चों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से नैतिक शिक्षा, व्यवहारिक शिक्षा एवं ध्यान विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच का विकास करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय से प्रेरक वक्ता एवं ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद भाई, विशिष्ट अतिथि के रूप में एम.एल.बी. कॉलेज से प्रो. डॉ. विजय राजोरिया एवं प्रो. भारती कर्णिक, मौनी आश्रम से शिवानंद मौनी महाराज, सेवार्थ पाठशाला के संचालक ओ. पी. दीक्षित, सेवार्थ शिक्षक करण तोमर, राखी खरे उपस्थित थीं।
कार्यक्रम में बीके प्रहलाद भाई ने बच्चों को ध्यान के माध्यम से एकाग्रता बढ़ाने, मन को शांत रखने एवं जीवन में श्रेष्ठ मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि ध्यान से बच्चों में आत्मबल बढ़ता है और वे पढ़ाई के साथ-साथ जीवन में भी सफल बनते हैं। उन्होंने आगे बच्चों को व्यवहारिक ज्ञान के बारे में बताते हुए नैतिक मूल्यों को जीवन का आधार बताया। इसके साथ ही राजयोग ध्यान का महत्व बताते हुए सभी बच्चों को अभ्यास भी कराया गया।
कार्यक्रम में प्रो. डॉ. विजय राजोरिया एवं प्रो. भारती कर्णिक ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण के महत्व पर प्रकाश डाला। सच्चाई और सेवा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में शिवानंद मौनी महाराज ने मौन रहकर मन से ही बच्चों को शुभ भावनायें दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सेवार्थ पाठशाला के संचालक ओ. पी. दीक्षित ने कहा कि पाठशाला का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चों को अच्छा इंसान बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ ध्यान अभ्यास किया और वक्ताओं के प्रेरक विचारों से लाभान्वित हुए। कार्यक्रम के अंत में जिन बच्चों के साप्ताहिक टेस्ट में अच्छे मार्क्स आये उन्हें पुरस्कार भी दिया गया।
इसके साथ ही आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया।
