– राष्ट्रपति ने ब्रह्माकुमारी बहनों को कलश देकर और दीप प्रज्जवलित कर किया बार्षिक थीम का राज्य स्तरीय शुभारंभ
– मेडिटेशन रुम में ध्यान में मग्न नजर आईं राष्ट्रपति
– गुलजार उपवन राजयोग ट्रेनिंग सेंटर में राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया पौधारोपण

- मुख्यमंत्री योगी ने कहा- आतंकवाद, उपद्रव के पीछे मन की चंचल प्रवृतियां हैं।
- कार्यक्रम में शहर के तीन हजार से अधिक गणमान्य लोग रहे मौजूद
- लखनऊ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ब्रह्माकुमारी बहनों को एकता और विश्वास का दिव्य कलश देकर और दीप प्रज्जवलित कर वार्षिक थीम का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया। सुल्तानपुर रोड, गुलजार उपवन राजयोग ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति ने जैसे ही ओम शांति के साथ अपना संबोधन शुरू किया तो पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। राष्ट्रपति ने अपने दस मिनट के संबोधन में मन, अध्यात्म, भारत की संस्कृति, मूल्य और सरकार की नीतियों पर बात की।
विश्व एकता और विश्वास के लिए ध्यान (योग) विषय पर संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि हर मनुष्य चाहता है कि दूसरे पर विश्वास करें, लेकिन विश्वास वहीं टिकता है जहां मन शांत, विचार स्वस्थ और भावनाएं शुद्ध हों। जब हम कुछ क्षण रुककर स्वयं से संवाद करते हैं तो इस बात का अनुभव होता है कि शांति और आनंद किसी बाहरी वस्तु में नहीं बल्कि हमारे भीतर है। जब आध्यात्मिक चेतना जागृत होती है तो प्रेम, भाईचारा, करुणा और एकता जीवन का हिस्सा बन जाती है। शांत और स्थिर मन समाज में शांति का बीज होता है और वहीं से विश्व शांति और विश्व एकता की नींव बनती है। सशक्त आत्मा ही विश्व एकता की संकल्पना को साकार करने की आधारशिला रही है। आइए शांति को अपने भीतर जगाएं, विश्वास को अपने विचारों में उतारें और एकता को अपने कर्मों में प्रकट करें। हम सब मिलकर एक बेहतर, शांतिपूर्ण विश्व के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
यह कदम सुंदर विश्व बनाने का संवाहक बनेगा-
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ की सराहना करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा विश्व शांति, मानवीय मूल्य, नारी सशक्तिकरण, आंतरिक जागृति, शिक्षा और ध्यान के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास वास्तव में प्रेरक और प्रशंसनीय हैं। इस सेवा के लिए मैं सभी ब्रह्माकुमार भाई-बहनों को हृदय से धन्यवाद, अभिनंदन करती हूं। ब्रह्माकुमारीज़ विश्व विद्यालय के गांव-गांव में शिक्षा केंद्र खुले हुए हैं। वहां के भाई-बहन इसी दिशा में समाज को सुख-शांति, आनंद, प्रेम और विश्वास का संवाहक बनकर के जन-जन तक पहुंचाते हैं। मुझे लगता है कि आज का यह कदम पहले वाले को और तीव्र करेगा और सुंदर विश्व बनाने का संवाहक बनेगा।
भारत ने विश्व को वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश दिया है-
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत की प्राचीन सभ्यता और संस्कृति ने सदैव विश्व को वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश दिया है अर्थात संपूर्ण विश्व हमारा परिवार है। आज जब विश्व कई चुनौतियों का सामना कर रहा है तब यह विचार और अधिक प्रासांगिक बन गया है। मुझे विश्वास है कि इस महासंकट को दूर करने के लिए इस अभियान का प्रभावी योगदान रहेगा। मैं इस अभियान के शुभारंभ के लिए ब्रह्माकुमारीज़ परिवार के सभी सदस्यों को बहुत-बहुत बधाई देती हूं।
भारत सरकार की नीतियों और प्रयासों को सराहा-
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत सरकार समाज को समावेशी, शांतिपूर्ण और मूल्य आधारित बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। योग और ध्यान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस दिवस ऐसे ही कदम हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मूल्य आधारित शिक्षा जीवन को सुदृढ़ बनाने का एक कदम है। भारत सरकार ने मिशन लाइफ अभियान शुरू किया जो पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवनशैली का अभियान है। सरकार द्वारा महिला सम्मान, आत्म निर्भरता और सामाजिक समावेश के लिए विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वर्ष 2023 में भारत में आयोजित जी-20 समिट की थीम थी- वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर। यह सभी पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश देती हैं कि मानवता का भविष्य मानव मूल्यों, संवाद, विश्वास और आध्यात्मिक चेतना से सुरक्षित और संरक्षित होगा।
हम स्वयं के भीतर बढ़ने की यात्रा का भी प्रारंभ करें-
राष्ट्रपति ने कहा कि आधुनिक समय में विज्ञान और तकनीकी के बल पर मानवता ने अभूतपूर्व प्रगति की है। आज का युग सूचना, प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और अंतरिक्ष अनुसंधान का युग है। इन क्रांतिकारी परिवर्तनों ने मानव जीवन को अधिक सुविधाजनक, सुलभ और संसाधन समृद्ध बनाया है। आज का मानव पहले की अपेक्षा अधिक शिक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम है। साथ ही उसके पास आगे बढ़ने के अनेक अवसर हैं। लेकिन समाज में तकनीकी उन्नति के साथ-साथ तनाव से असुरक्षा, अविश्वास और एकाकीपन बढ़ा है। आज आवश्यक है कि हम केवल आगे बढ़ने की ही नहीं, बल्कि स्वयं के भीतर बढ़ने की यात्रा का भी प्रारंभ करें। इसका कदम ब्रह्माकुमारीज़ उठा रही है।

स्व परिवर्तन ही विश्व परिवर्तन का प्रथम मार्ग है-
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था विभिन्न आयामों से राष्ट्र निर्माण की गतिविधियां निभा रही है। विश्व की यह विशाल संस्था नारी शक्ति द्वारा संचालित है। राजयोग मेडिटेशन वह साधन है जो व्यक्ति को सद्गुण की ओर अग्रसर करता है। राजयोग से सुख, शांति, पवित्रता जैसे गुण स्वत: आने लगते हैं। मेडिटेशन हमें सिखाता है आत्मा अजर, अमर, अविनाशी है। राजयोग एक अभ्यास नहीं बल्कि संपूर्ण सकारात्मक जीवनशैली है। मेडिटेशन हमें सृष्टि के चक्र का बोध कराता है। वर्तमान परिस्थितियां हमारे कर्मों का ही कल हैं। राजयोग अपने आप से मिलने की अनुभूति है। जो हमें स्वयं को सुनना और शांत होना सिखाता है। राजयोग मानव चेतना को जागृत करता है और समाज को संगठित करता है। आज यह सभी के लिए अनिवार्य है। स्व परिवर्तन ही विश्व परिवर्तन का प्रथम मार्ग है।

मुख्यमंत्री बोले- आतंकवाद, उपद्रव के पीछे मन की चंचल प्रवृतियां हैं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रपति का जीवन एक शिक्षक के रूप प्रेरक रहा है। शिक्षक, जनसेवक से लेकर राष्ट्रपति भवन तक की उनकी यात्रा संघर्ष की एक मिसाल, प्रेरक और आदर्श रही है। व्यक्ति के बंधन और मोक्ष का कारण उसका मन है। आज दुनिया में जो भी आतंकवाद, उपद्रव है इसके पीछे मन की चंचल प्रवृतियां ही हैं। मन का एक सकारात्मक पक्ष है जो सकारात्मक प्रवृतियों की और ले जाता है, वहीं एक नकारात्मक मन नकारात्मक प्रवृतियों की और ले जाता है। ब्रह्माकुमारी से जुड़े सभी पदाधिकारी राजयोग के माध्यम से सकारात्मक माहौल का निर्माण कर रहे हैं। मुझे विश्वास है कि यह केंद्र पूरे उत्तर प्रदेश के लिए राजयोग प्रशिक्षण के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करेगा।
लोगों को देंगे आपसी एकता और विश्वास का संदेश-
गुलजार उपवन राजयोग ट्रेनिंग सेंटर की निदेशिका राजयोगिनी बीके राधा दीदी ने कहा कि भारत और भगवान की राशि एक ही है। उप्र वह महान प्रदेश है जहां जगत नियंता परमात्मा शिव बाबा का विश्व है सबसे बड़ा मंदिर है। जहां मथुरा में श्रीकृष्ण की कर्म भूमि और अयोध्या श्रीराम की चरित्र भूमि है। इस अभियान का उद्देश्य है, हम सभी एक परमात्मा की संतान आपस में भाई-बहन हैं। हमें धर्म, जाति भुलाकर आपस में एकता और भाईचारे के साथ रहना है। अभियान के तहत प्रदेशभर में गांव-गांव, शहर- शहर में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिनके माध्यम से लोगों को विश्व एकता और आपसी विश्वास का संदेश दिया जाएगा। उड़ीसा से पधारे संस्थान के न्याय विद प्रभाग के राष्ट्रीय समन्वयक बीके नथमल भाई ने कहा कि जब तक हम अपने अंदर मनोविकारों को दूर नहीं करेंगे, इन पर विजय प्राप्त नहीं करेंगे, तब तक हमारे अंदर एकता और विश्वास नहीं आएगा। संचालन प्रयागराज से पधारीं राजयोगिनी बीके मनोरमा दीदी ने किया।
ये भी रहे मौजूद-
ब्रह्माकुमारीज़ की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके संतोष दीदी, अतिरिक्त महासचिव राजयोगी बीके डॉ. मृत्युंजय भाई, माउंट आबू के ज्ञान सरोवर परिसर की निदेशिका राजयोगिनी बीके प्रभा दीदी, अभियंता प्रभाग के अध्यक्ष राजयोगी बीके मोहन सिंघल भाई, राजयोगी बीके सूर्य भाई, पीआरओ बीके कोमल भाई सहित लखनऊ शहर के 400 से अधिक बिजनेसमैन, 100 से ज्यादा डॉक्टर, 300 से ज्यादा प्रशासनिक अधिकारी और ब्रह्माकुमारीज़ से जुड़े तीन हजार से अधिक लोग मौजूद रहे।








झलकियां-
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुलजार उपवन राजयोग ट्रेनिंग सेंटर परिसर में पौधारोपण किया।
- राष्ट्रपति ने कुछ समय के लिए मेडिटेशन रुम में परमात्मा शिव बाबा का ध्यान किया।
- उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ स्नेह मुलाकात कर फोटो सेशन में भाग लिया।
- रायपुर से आए चित्रकार, कलाकार हितेंद्र भाई ने सेमीनार हॉल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और गुलजार दादी की आकर्षक रंगोली बनाई जिसे देखकर लोग स्तब्ध रह गए।
- मथुरा से आए कलाकारों ने सुंदर श्रीकृष्ण, राधा और गोपियों के वेश में नृत्य की प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया।
- सुरक्षा की दृष्टि से चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा।
- पूरे परिसर को छावनी में बदल दिया गया।
- कार्यक्रम में सिर्फ पासधारी लोगों को ही सुरक्षा जांच के बाद प्रवेश दिया गया।
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