ग्वालियर, 27 नवम्बर 2025। हम सब सफलता की तलाश में भागते रहते हैं, लेकिन एक सच यह भी है कि सफलता मिलने से सदा खुशी नहीं मिलती, बल्कि सदा खुश रहने से सफलता अवश्य मिलती है। खुश रहने वाले व्यक्ति का मन सदैव हल्का और उर्जा से भरपूर होता है, साथ ही उसका आत्मविश्वास उसे बार-बार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। खुशी कोई बाहर से मिलने वाली चीज़ नहीं है, खुशी तो हमारा आंतरिक गुण है। उक्त बात प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रेरक वक्ता एवं वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद भाई ने सिंध विहार कॉलोनी में “खुशनुमा जिंदगी” विषय पर शिव मंदिर के पास हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम में वतौर मुख्य वक्ता के रूप में कही। उन्होंने आगे कहा कि जब हम खुद को सकारात्मकता से भरते हैं, तो हमारा हर कदम मजबूत होता जाता है। एक खुशनुमा मन समस्या नहीं ढूँढता, वह समाधान ढूँढता है। वह छोटी छोटी बातों से घबराता नहीं है बल्कि उनसे सीख लेकर आगे बढ़ जाता है। जब हम हर सुबह अपने आप से कहते हैं कि मैं कर सकता हूँ, मैं आगे बढ़ सकता हूँ और मैं खुश होकर अपने सपनों को पूरा कर सकता हूँ। तो जीवन की राहें अपने-आप सरल होती चली जाती हैं।

खुश रहना अपनी आदत और सकारात्मक सोच को अपनी सबसे बड़ी ताक़त बनाइए। जब आप भीतर से खुश होंगे, तो बाहर की कोई भी परिस्थिति का असर आप पर नहीं पड़ेगा। जीवन में कठिनाइयाँ आना कोई नई बात नहीं है। लेकिन हमारी सोच उन्हें आसान बना सकती है। सकारात्मक सोच वह शक्ति है जो हर मुश्किल को अवसर में बदल देती है। इसमें राजयोग ध्यान हमारी बहुत मदद करता है। इसलिए दिन की शुरुवात में थोडा समय अपने लिए अवश्य निकालें और ध्यान का अभ्यास करें तो आप पूरा दिन खुश रह सकते है।
खुश रहना कोई विकल्प नहीं है, बल्कि यह एक ज़िम्मेदारी है, अपने लिए भी और उन लोगों के लिए भी जो हमें देखते हैं, हमसे सीखते हैं, और हमसे प्रेरणा लेते हैं। इसलिए सदैव खुश रहें और खुशियाँ बाँटें।
कार्य्रक्रम के अंत में सभी ने राजयोग ध्यान का अभ्यास कर गहन शांति की अनुभूति भी की।
इस अवसर पर बीनू मकरानी, जया लोकवानी, अनुष्का खत्री, सान्या खत्री, नेहा मकरानी, मधु बुलानी, कोमल जायवानी, ममता मकरानी, रितु ढींगरा, मनीषा लाल, पूजा मारो, अनीशा मकरानी, जानकी खत्री, चन्दा छावड़ा, मीरा माखीजा, माया छबलानी, जया मकरानी, भावना चंदूरी, शिरोमणि बुलानी, किरण जायवानी, रेखा वरियानी, रजनी बुलानी, जिया सुनेजा, पलक खत्री, मिनिका सुनेजा,आरती जयसिंघानी, हर्षा छावडा, किरण रोहिरा, रानी धमेजा, कोमल सुनेजा, बबली, रितु बंसल, माधवी गुप्ता, सभा अग्रवाल सहित अनेकानेक माताएं बहनें उपस्थित थीं।
