पार्वतीबाई गोखले विज्ञान महाविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में व्याख्यान आयोजित

जीवन की बहुत सी समस्याएं हमारे मुस्कुराने से ही हल हो जाऐंगी – बीके प्रहलाद भाई

रात्रि में सही समय पर विश्राम करने से मस्तिष्क होगा रिफ्रेश – डॉ वीरेंद्र वर्मा

ग्वालियर, 14 अक्टूबर 2025। आज पार्वतीबाई गोखले विज्ञान महाविद्यालय ग्वालियर में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय से मोटिवेशनल स्पीकर एवं राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद भाई थे एवं विशिष्ट अतिथि जयारोग्य चिकित्सालय के सह अधीक्षक डॉक्टर वीरेंद्र वर्मा थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर सुनील पाठक, प्राचार्य पार्वतीबाई गोखले विज्ञान महाविद्यालय ने की। मंचासीन अतिथियों में हवलदार राघवेंद्र सिंह, पी आई स्टाफ एनसीसी थे।

उद्बोधन देते हुए बीके प्रहलाद

प्रहलाद भाई ने अपने उद्बोधन में प्रसन्नता का महत्व बताते हुए कहा कि व्यक्ति प्रसन्न रहना भूल गया है, इसलिए तनाव और चिंता से ग्रस्त है। तनाव और चिंता की तरह क्रोध भी एक बीमारी है और इसके कारण हम अपने जीवन में खुश नहीं रह पाते। हमारा मन स्थिर क्यों नहीं रहता, हमारा मन क्या है ? इस विषय में समझाते हुए उन्होंने बताया कि हम सब एक शक्ति हैं, जिसे हम आत्मा कहते है। हमारे शरीर में जब तक आत्मा है तब तक हम जीवित हैं। इस आत्मा की तीन शक्तियां हैं मन, बुद्धि और संस्कार। मन, बुद्धि के द्वारा जो कार्य होते हैं वह संस्कार बन जाते हैं। मन का कार्य है विचार देना। विचार अच्छे और बुरे हो सकते हैं। बुद्धि का कार्य है अच्छे और बुरे विचारों का निर्णय करना। इन अच्छे विचारों से ही संस्कार जन्म लेते हैं। हमारा शरीर भी एक तंत्र की तरह कार्य करता है।नकारात्मक विचार या व्यर्थ विचार हमारी बुद्धि की निर्णय शक्ति को प्रभावित करते है। इसलिए हमेशा अच्छा पढ़े, अच्छा देंखें तो हमारी बुद्धि दिव्य बनती है।जिससे हम सही निर्णय कर पाते है। जब भी हम कोई कार्य करते हैं तो लगातार किया हुआ कार्य हमारे आदत में आता है। इस प्रकार जब कोई कार्य नहीं हो पाता तब हम गुस्सा करके अपना कार्य करवा लेते हैं। यह गुस्सा हमारी स्मृति में आकर अंकित हो जाता है। जब दोबारा वैसी स्थिति बनती है तब हम गुस्से के इस विकल्प का इस्तेमाल करते हैं। जब दिमाग में निगेटिव विचार आते हैं तब हम तनाव में आ जाते हैं और यह तनाव हमारी मानसिक शक्ति को प्रभावित करता है। जब भी हम ध्यान में बैठते हैं तो सदैव सोचना चाहिए कि मैं एक आत्मा हूं। मैं एक शांतिप्रिय आत्मा हूं, मैं एक दिव्य आत्मा आत्मा हूँ, मैं खुश रहने वाली आत्मा हूँ। आत्मा के सात गुण हैं- ज्ञान, पवित्रता, शांति, खुशी, प्रेम, आनंद और शक्ति। यदि हम क्रोध करना भूलकर जीवन में मुस्कुराहट को स्थान दें तो हमारे आसपास का वातावरण खुशहाल हो जाएगा और जीवन की बहुत सी समस्याएं हमारे मुस्कुराने से ही हल हो जाऐंगी।
डॉ वीरेंद्र वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि हम जैसा सोचते हैं, वैसे बन जाते हैं। उन्होंने मेडिकल साइंस का सहारा लेकर मानसिक स्वास्थ्य के बारे में अपनी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जब हम परीक्षा के दिनों में देर रात तक जागकर पढ़ते हैं तो अक्सर हम पढ़ा हुआ भूल जाते हैं क्योंकि हम प्रकृति के विरुद्ध जाते हैं। रात्रि का समय हमारी ज्ञानेंद्रिय का होता है। दिन भर की जो जानकारियां हमारे मस्तिष्क में इकट्ठा होती है वह रात्रि में विश्राम के समय हमारी स्मृति में रिस्टोर होती हैं। यदि उन्हें रिस्टोर होने का समय नहीं मिलेगा तब हमारी याददाश्त कमजोर होती है। यदि हम परीक्षा के समय रात्रि में पर्याप्त विश्राम नहीं करते तो हमारा मस्तिष्क रिफ्रेश ना होने के कारण ढंग से कार्य नहीं कर पाता। रात्रि के समय हमारा इम्यूनिटी सिस्टम भी अपनी
तैयारी करता है। यह अपने सेल्स को बूस्ट करता है। जब हम ध्यान या मेडिटेशन करते हैं तो हम सांस लेते और छोड़ते हैं। हम अपने अंतर मन में झांककर देखने का प्रयास करते हैं। हमारे प्राचीन ऋषि मुनियों ने बिना किसी यंत्र की सहायता से अपने ध्यान योग से दिव्य ज्ञान प्राप्त किया। ग्रह और तारामंडल का ज्ञान प्राप्त किया। इस प्रकार हम भी अपने अंतर मन में झांक कर बहुत सी बातें जान सकते हैं। अध्यक्षीय उद्बोधन प्राचार्य सुनील पाठक ने दिया।कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर वंदना सेन ने किया। इस अवसर पर डॉक्टर स्वाति पेंडसे, डॉक्टर संजीव चौधरी, संजय त्रिवेदी, शालिनी पांडे, निधि शर्मा, निवेदिता शुक्ला, शिवानी उपाध्याय सहित एनसीसी के कैडेट्स एवं महाविद्यालय छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। इस अवसर पर अतिथियों को स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए।

अतिथियों को स्मृति चिन्ह देते हुए महाविद्यालय के पदाधिकारी।

WhatsApp Group Join Now
Instagram Group Follow Now
Telegram Group Join Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *