एक ईश्वर, एक विश्व का संदेश पूरे विश्व के नेताओं में उतर जाए तो पूरे विश्व में शांति आ जाए: पूर्व राज्यपाल सोलंकी

  • कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग, महापौर मालती राय, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानन्द शर्मा ने अर्पित की श्रद्धांजलि
  • ब्रह्माकुमारीज भोपाल जोन की निदेशिका राजयोगिनी बीके अवधेश दीदी की दिव्य स्मृति में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित
  • देशभर से 1500 लोगों ने लिया भाग
  • कैबिनेट मंत्री सारंग बोले – दीदी सफेद वस्त्रों में एक संत थीं

भोपाल। ब्रह्माकुमारीज संस्थान के भोपाल जोन की निदेशिका राजयोगिनी बीके अवधेश दीदी की दिव्य स्मृति में रवींद्र भवन के हंस ध्वनि सभागार में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित गया। इसमें पूरे प्रदेश सहित देशभर से लोगों ने भाग लिया।

पंजाब एवं हरियाणा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि आज देश दुनिया में एकात्म भाव की बहुत आवश्यकता है। ब्रह्माकुमारी द्वारा दिया जा रहा एक ईश्वर और विश्व एक का ये संदेश यदि पूरे विश्व के नेताओं में उतर जाए तो पूरे विश्व में शांति हो सकती है। वास्तव में मानव कैसे होता है वह देखना है तो यहां आना पड़ेगा। हमारी संस्कृति में अपने अस्तित्व को मिटाकर सामने वाले के अस्तित्व को बढ़ाना दिखाया गया है। ऐसे भाव की आज पूरे विश्व को जरूरत है। ब्रह्माकुमारी मानवीय संस्कार देने वाली संस्था है। मैं जब पहली बार माउंट आबू गया तो वहां से आकर पूरी तरह बदल गया।

उनका अपनापन हर किसी को बांध लेता था –
सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मैं उन सौभाग्यशाली लोगों में से हूं कि उनका सान्निध्य मिला। उनका अपनापन हर किसी को बांध लेता था। वह श्वेत वस्त्रों में संत थी। ऐसे संत केवल शरीर छोड़ते हैं लेकिन उनकी सूक्ष्म उपस्थिति सदा महसूस होती रहेगी। मैं पूरी मप्र सरकार की तरफ से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
महापौर मालती राय ने कहा कि जब भी आश्रम पहुंचती थी तो दीदी का सान्निध्य पाकर शांति महसूस होती थी। दीदी आज अदृश्य जरूर हुईं हैं लेकिन उनका आशीर्वाद हम सबको मिलता रहेगा। भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानन्द शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

ब्रह्माकुमारी जन जन तक पहुंचा रही शांति पाठ…

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि आज के युग में शांति का पाठ जन जन तक पहुंचाने का ब्रह्माकुमारी का यह प्रयास सराहनीय है। मैं सौभाग्यशाली हूं कि माउंट आबू दो बार जा चुका हूं। वहां बैठकर जो शांति का अनुभव होता है वह अवरर्णीय है। शांति का संदेश देने में जो ब्रह्माकुमारी बहनों का सेवाभाव, त्याग और तपस्या अदभुत है। मप्र भाजपा मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि दीदी ने जो आयाम स्थापित किए हैं वह हमें सदा प्रेरित करते रहेंगे।

परमात्मा कहते हैं पुण्य की पूंजी जमा करो –

गुरुग्राम से आई ॐ शांति रिट्रीट सेंटर की निदेशिका राजयोगिनी बीके आशा दीदी ने कहा कि हमें अपने कर्मों की पूंजी को पुण्य की भूमि बनाना है। हम एक हैं, एक ही रहेंगे। एक के ही रहेंगे। परमात्मा ने हम बच्चों को दो शब्दों की परिभाषा दी है – दान और पुण्य। परमात्मा कहते हैं कि पुण्य की पूंजी जमा करो। पुण्य कर्म वह होते हैं जो सामने वाले को आवश्यक हैं वह देना ही पुण्य कर्म जमा करना है। यदि कोई व्यक्ति हिम्मत हीन है तो उसे हिम्मत देकर उसे उत्साह में लाओ ये पुण्य कर्म हैं। जो निराशा में डूबा है उसे आशा में लाना ही पुण्य कर्म है। आप सभी शिव की शक्तियां हो अपने कर्तव्य से और दायित्व को निभाते हुए सेवा को नए आयाम देना है। अवधेश दीदी का ह्रदय विशाल था। उनका कहना और करना एक समान था।

600 से अधिक बहनों को ब्रह्माकुमारी बनाया –
माउंट आबू से आए संस्थान के अतिरिक्त महासचिव राजयोगी डॉ. मृत्युंजय भाई ने कहा कि दीदी ने आध्यात्मिक क्रांति लाकर 600 से अधिक बहनों को ब्रह्माकुमारी बनाया है, यह अपने आप में महान तपस्या है। मैं दीदी से वर्षों से जुड़ा रहा हूं। उनका जीवन प्रेरक और शक्ति पुंज था। माउंट आबू से आई वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका राजयोगिनी बीके ऊषा दीदी ने कहा कि महान व्यक्तित्व में जो विशेषताएं होती हैं वह उनके जाने के बाद भी अमर हो जाती हैं।

इन्होंने भी रखे अपने विचार –

  • वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका राजयोगिनी बीके शैलजा दीदी ने कहा कि आदरणीय अवधेश दीदी ने अपनी त्याग, तपस्या, सेवाभाव से भोपाल जोन की सेवाओं को शिखर पर पहुंचाया। देशभर में संस्थान द्वारा आयोजित होने वाले ब्रह्माकुमारी बहनों के दिव्य समर्पण समारोह की शुरुआत भोपाल जोन से दीदी ने की। साथ ही एक दिन में 108 प्रोग्राम करना हो या कोई नवीनता हर सेवा में आपने उदाहरण पेश किया।

ये भी रहे मौजूद…
मप्र के मुख्य विधानसभा सचिव अवधेश प्रताप सिंह, मानव अधिकार आयोग के ममतानी, डिप्टी कलेक्टर, माउंट आबू से आए वैज्ञानिक अभियंता प्रभाग के अध्यक्ष बीके मोहन सिंघल भाई, भोपाल नीलबड़ स्थित सुख शांति भवन की निदेशिका बीके नीता दीदी, रीवा से बीके निर्मला दीदी, मुरैना से बीके रेखा दीदी, सीहोर से पंचशीला दीदी सहित पूरे प्रदेश और देश से आए 1500 से अधिक लोग मौजूद रहे।

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