राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 28 नवंबर को ब्रह्माकुमारीज़ की वार्षिक थीम विश्व एकता एवं विश्वास के लिए ध्यान का करेंगी राज्य स्तरीय शुभारंभ

  • अतिथि के रूप में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी रहेंगे मौजूद
  • गुलजार उपवन राजयोग ट्रेनिंग सेंटर से चलाया जाएगा प्रदेश स्तरीय अभियान
  • मेडिटेशन रूम में ध्यान लगाएंगी राष्ट्रपति, प्रदेश के जिला से लेकर तहसील स्तर और कस्बों में थीम पर आधारित होंगे कार्यक्रम
  • 70 साल पूर्व वर्ष 1955 में हजरत गंज में खुला था पहला ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेंद्र
  • ब्रह्माकुमारीज़ के संस्थापक ब्रह्मा बाबा और प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती ने की थी सेवाओं की शुरुआत
    फैक्ट-
    03 एकड़ जमीन पर बनाया गया है गुलजार उपवन राजयोग ट्रेनिंग सेंटर
    500 लोगों की क्षमता का कॉन्फ्रेंस हॉल
    200 लोगों की क्षमता के दो सेमीनार हॉल
    200 से अधिक लोगों के ठहरने की व्यवस्था
    05 हजार से अधिक लोगों के भोजन बनाने के लिए बड़ा भंडारा

लखनऊ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 28 नवंबर को ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के सुल्तानपुर रोड, साहू सिटी के पास स्थित गुलजार उपवन राजयोग ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में संस्थान की इस वर्ष की थीम- विश्व एकता एवं विश्वास के लिए ध्यान का राज्य स्तरीय शुभारंभ करेंगी। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में जिला, तहसील स्तर से लेकर कस्बों और गांवों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राष्ट्रपति 28 नवंबर को दोपहर 12 बजे से आयोजित समारोह को संबोधित करेंगी और इसके बाद कुछ देर के लिए मेडिटेशन रूम में ध्यान करेंगी।
संस्थान के अतिरिक्त महासचिव राजयोगी बीके डॉ. मृत्युंजय भाई ने बताया कि आज वैश्विक परिदृश्य में दुनिया को सबसे ज्यादा विश्व एकता और विश्वास की जरूरत है। एकता में सबसे बड़ी शक्ति है। हमारी संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम् की संस्कृति है। इसी को देखते हुए इस वर्ष ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा वार्षिक थीम विश्व एकता एवं विश्वास के लिए ध्यान रखी गई है। इस थीम के तहत संस्थान के विश्व के 140 देशों में स्थित आठ हजार से अधिक सेवाकेंद्रों के माध्यम से कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी थीम का उत्तर प्रदेश का राज्य स्तरीय शुभारंभ माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा 28 नवंबर को दोपहर 12 बजे किया जाएगा। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। थीम के तहत लोगों को एकता बनाए रखने और जीवन में योग को शामिल करने का संदेश दिया जाएगा।
गुलजार उपवन राजयोग ट्रेनिंग सेंटर की निदेशिका बीके राधा दीदी और बीके मंजू दीदी ने बताया कि राष्ट्रपति जी के आगमन को लेकर जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं। प्रशासन के बताए अनुसार सभी प्रोटोकॉल और सुरक्षा मापदंडों को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्यक्रम को लेकर निगरानी और दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। राष्ट्रपति जी कुछ समय के लिए मेडिटेशन रूम में ध्यान भी करेंगी।

तीन एकड़ के विशाल परिसर में बना है गुलजार उपवन राजयोग ट्रेनिंग सेंटर-
निदेशिका बीके राधा दीदी ने बताया कि ब्रह्माकुमारीज़ का नवनिर्मित गुलजार उपवन राजयोग ट्रेनिंग सेंटर परिसर तीन एकड़ में बनाया गया है। पहले फेज में दिव्य संस्कृति भवन का निर्माण किया गया है। जिसमें दो सेमीनार हाल बनाए गए हैं, जिसमें 200-200 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। साथ ही मेडिटेशन रूम हैं। पांच हजार लोगों के भोजन बनाने के लिए बड़े भंडारे का भी निर्माण किया गया है। इस भवन में 200 से अधिक लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। वहीं दूसरे फेज में दो हजार लोगों की क्षमता का विशाल ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाएगा। तीसरे फेज में 300 लोगों की ठहरने की व्यवस्था के हिसाब से भवन का निर्माण किया जाएगा। दिव्य संस्कृति भवन का भूमिपूजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संस्थान की तत्कालीन मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी ने 5 नवंबर 2019 को किया था।

70 साल पूर्व वर्ष 1955 में लखनऊ में खुला था पहला सेवाकेंद्र-
बीके मंजू दीदी ने बताया कि आज से 70 साल पूर्व वर्ष 1955 में हजरत गंज में संस्थान का पहला सेवाकेंद्र खोला गया था। इस दौरान कुछ समय के लिए संस्थान के संस्थापक ब्रह्मा बाबा और प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती भी यहां राजयोग का संदेश देने के लिए पधारे था। वर्तमान में राजधानी क्षेत्र में 21 सेवाकेंद्र संचालित हैं, जिनमें 100 से अधिक ब्रह्माकुमारी बहनें समर्पित रूप से सामाजिक कल्याण के लिए सेवा में समर्पित हैं।

प्रदेशभर में यह कार्यक्रम चलाए जाएंगे-

  • राजयोग मेडिटेशन और आध्यात्मिक ज्ञान की नि:शुल्क शिक्षा दी जाएगी
  • स्ट्रैस मैनेजमेंट के लिए प्रबंधन कौशल शिविर
  • बच्चों, युवाओं और महिलाओं के लिए सशक्तिकरण कार्यक्रम
  • सभी समाजों और ग्रामीणों के लिए आध्यात्मिक कार्यक्रम
  • मूल्यनिष्ठ शिक्षा परियोजना के तहत आवासीय ट्रेनिंग प्रोग्राम
  • पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण, मृदा संरक्षण, जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती, जैविक-यौगिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम
  • हृदय रोग, डायबिटीज और नशामुक्ति के लिए जागरूकता कार्यक्रम
WhatsApp Group Join Now
Instagram Group Follow Now
Telegram Group Join Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *