ब्रह्माकुमारीज़ भोपाल जोन की निदेशिका 75 वर्षीय राजयोगिनी अवधेश दीदी का देहावसान
अनंत यात्रा पर चली गईं अध्यात्म की आद्य शक्ति अवधेश स्मृति शेष: राजयोगिनी बीके अवधेश दीदी, निदेशिका, ब्रह्माकुमारीज़ भोपाल जोन “रूहानी दीप बुझते नहीं,बस लौ अनंत में समा जाती है।सच्चे संत का जाना अंत नहीं,वो हर हृदय में साधना बन जाती है।” दुनिया में समय प्रति समय कुछ ऐसे दिव्य, तपस्वी, प्रतिभा संपन्न और महान…
